कई कारणों से संयुक्त परिवारों के बिखराव का वर्तमान दौर मे आज भी परिवारों का महत्त्व कम नहीं हुआ है
1- परिवार आज भी न्याय के सिद्धांत की शिक्षा देती हुई दिख रही है । हर व्यक्ति को अनुशासन का पाठ के साथ यह दूसरे सदस्यों को बाँटना सीखाती है। वो चाहे भौतिक हो अभौतिक । ख़ुशी हो या गम । खाना हो या पीना । इसी कारण आज भी परिवार के सदस्यों मे आपसी सामंजस्य एवं समन्वय की भावना होती है और बच्चों में सोहार्द की भावना होती है अर्थात् बच्चे मिलनसार होते है और किसी भी भेदभाव से मुक्त होते हैं।
2- व्यक्ति आज संस्कार से हीन हो रहा है क्यों कि उसको इसकी शिक्षा देने वाला कोई अपना नहीं है । परिवार ही संस्कारों के देने की पहली सीढ़ी होता है। बच्चों का पालन और मानसिक विकास की शुरुवात यही से होता है । वहीं दूसरी ओर जीबन के अंतिम पड़ाव पर बुजुर्ग पीढ़ी का अंतिम समय भी शांति और खुशी से गुजरता है। वह अपनी सामान्य जरूरतों और जीवन यापन की जरूरतों की पूर्ति कर पाते हैं। और अपने अनुभव बच्चो को प्यार और डांट डपट कर देते है। बच्चे परिवार में दादा-दादी, बुआ आदि के प्यार की छांव में खेलते-कूदते और संस्कारों को पाते हुए बड़े हो। इस प्रकार परिवार एक इंसान को बड़ा करता है और एक पूर्ण मानव जाति में विकसित करता है। ये सुरक्षा और प्यार का वातावरण उपलब्ध कराता है जो हमारी खुशी और समस्याओं को बाँटने में मदद करता है।
3- अक्सर एक बड़े परिवार मे बच्चों को एक अच्छा माहौल मिलता है साथ ही एक जैसे living satandered केे समान आयु वर्ग के मित्र मिलते हैं जो परिवार की नयी पीढ़ी को बिना रुकावट के पढ़ाई, खेल और अन्य दूसरी क्रियाओं में अच्छी सफलता अर्जन और एक दूसरे को समझने मे साथ देते है।
4- परिवार के मुखिया यानी सबसे बड़े की बात मानने के साथ ही साथ परिवार के छोटे सदस्य ज़िम्मेदार और अनुशासित का पाठ पढ़ते हैं। सम्मान, संयम और सहयोग की संयुक्त परिवार मे संयुक्त उर्जा का जन्म होता है जो कि मानसिक और शारीरिक कष्टों को काम करती है।
5- परिवार एक व्यक्ति को भावनात्मक और मानसिक रुप से शक्तिशाली, ईमानदार और आत्मविश्वासी और आज्ञाकारी बनाते है। अकेला व्यक्ति आज समस्या से घबरा कर टूटते हुए जीबन को समाप्ति करते दिख रहे है। इसका कारण समय पर साथ देने वाले उसके अपने नहीं है। ऐसे मे संयुक्त परिवारों में आस पास कई लोगों की मौजूदगी एक सहारे का काम करती है।
6- परिवार बाहरी विरोधों से व्यक्ति सुरक्षा प्रदान कराता है।परिवार के प्रत्येक सदस्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी सभी सदस्य मिलजुल कर निभाते हैं। अतः किसी भी सदस्य की आर्थिक , स्वास्थ्य ,सुरक्षा की समस्या पूरे परिवार की होती है। किसी प्रकार की अनपेक्षित रूप से आयी परेशानी सहजता से सुलझा ली जाती है। यदि कोई गंभीर बीमारी से जूझता है तो भी परिवार के सब सदस्य अपने सहयोग से उसको बीमारी से निजात दिलाने में मदद करते है उसे कोई आर्थिक समस्या या रोजगार की संसय अड़े नहीं आती है तो सभी संगठित होकर एक दूसरे की सुरक्षा करते है।
7- परिवार मे आर्थिक समस्या या रोजगार की समस्या आड़े नहीं आती, एकजुटता के कारण ऐसे ही गाँव / मोहल्ले का कोई भी उनसे पंगा लेने की हिम्मत नहीं करता. संगठित होना पूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है और व्यक्ति हर प्रकार के तनाव से मुक्त रहता है .
8- परिवार में सदस्यों की संख्या अधिक होने के कारण कार्यों का विभाजन आसान हो जाता है .परिवार के प्रत्येक सदस्य के हिस्से में आने वाले कार्य को हर सदस्य वह अधिक क्षमता से कर पता है .और विभिन्न अन्य जिम्मेदारियों से भी मुक्त रहता है. अतः तनाव मुक्त हो कर कार्य करने में अधिक ख़ुशी मिलती है .उसकी कार्य क्षमता अधिक होने से कारोबार अधिक उन्नत होता है .परिवार के सभी सदस्यों की आवश्यकताओं की पूर्ती अपेक्षाकृत अधिक होती है।
9- परिवार बच्चों के लिए सर्वाधिक सुरक्षित जगह है जहा उसका शारीरिक एवं चारित्रिक विकास का अवसर प्राप्त होता है .बच्चे की इच्छाओं और आवश्यकताओं का अधिक ध्यान रखा जा सकता है .उसे अन्य बच्चों के साथ खेलने का मौका मिलता है .माता पिता के साथ साथ अन्य परिजनों विशेष तौर पर दादा ,दादी का प्यार भी मिलता है . बुजुर्गो से उनको ज्ञान ,अनुभव मिलता है .उनके साथ खेलने , समय बिताने से मनोरंजन भी होता है उन्हें संस्कारवान ,चरित्रवान,एवं हिर्ष्ट पुष्ट बनाने में अनेक परिजनों का सहयोग प्राप्त होता है .
10- बाजार का नियम है की यदि कोई वस्तु अधिक परिमाण में खरीदी जाती है तो उसके लिए कम कीमत चुकानी पड़ती है .अर्थात संयुक्त रहने के कारण कोई भी वस्तु अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में खरीदनी होती है अतः बड़ी मात्र में वस्तुओं को खरीदना सस्ता पड़ता है .दूसरी बात अलग अलग रहने से अनेक वस्तुएं अलग अलग खरीदनी पड़ती है जबकि संयुक्त रहने पर कम वस्तु लेकर काम चल जाता है। जैसे तीन एकल परिवारों के रूप में रहने पर उन्हें तीन मकान ,तीन कार या तीन बाइक ,तीन टेलीविजन ,और तीन फ्रिज आदि के रूप मे प्रत्येक वस्तु को अलग अलग खरीदना होगा .परन्तु वे यदि एक साथ रहते हैं उन्हें कम मात्र में वस्तुएं खरीद कर बचत कर सकते है जैसे तीन बाइक के स्थान पर एक कार ,एक बाइक से कम चल सकता है ,तीन फ्रिज और एसी के स्थान पर एक बड़ा फ्रिज एसी लिया जा सकता है इसी प्रकार तीन मकानों के साथ पर एक बड़ा सा बंगला लिया जा सकता है। इस प्रकार से उतने ही बजट में अधिक उच्च जीवनशैली के साथ जीवन यापन किया जा सकता है।
11- पूरे परिवार के सबका सहयोग आसानी से पाया जा सकता किसी विपत्ति के समय या बीमार होने पर,परिवार के सभी सदस्य सहयोग करते है. कभी भी आर्थिक समस्या या रोजगार चले जाने की समस्या उत्पन्न नहीं होती क्योंकि एक सदस्य की अनुपस्थिति में अन्य परिजन कारोबार को देख लेते हैं .
12- परिवार में सभी सदस्य एक दूसरे के आचार व्यव्हार पर निरंतर निगरानी बनाये रखते हैं ,किसी की अवांछनीय गतिविधि पर अंकुश लगा रहता है .अर्थात प्रत्येक सदस्य चरित्रवान बना रहता है इस प्रकार परिवार चरित्र निर्माण में सहयोग करता ऐसे मे बिना किसी समस्या के समय पर सभी परिजन उसका साथ देते हैं और सभी पर सामूहिक दबाव भी पड़ता है जिसके कारण कोई भी सदस्य असामाजिक कार्य जैसे शराब जुआ या अन्य कोई नशा नहीं कार पता इनसे बचा रहता है
13- परिवार की समस्याओं से भी लाभ होता है. कई समस्याओं के रूप में वे हमारे जीवन का हिस्सा हो सकता है, जैसे हम दिन प्रतिदिन उनका सामना करते हैं लेकिन वे समस्याएं दोष देने का कारण नहीं हो सकती और एकल परिवार को त्याग कर संयुक्त परिवार के सभी लाभों काभी आनन्द लें.
14- परिवार समाज और देश के लिये खुश, सक्रिय, जल्दी सीखने वाला और बेहतर नयी पीढ़ी उपलब्ध कराती है।
एक संयुक्त परिवार का आनंद तभी आ सकता है अगर वहाँ परिवार के सदस्यों के बीच एक अच्छी सोच है. नहीं तो जैसे ही भेदभाव उत्पन्न होंगे यह परिवार को बनाए रखने में बहुत मुश्किल हो जाता है
निष्कर्ष - परिवार का बुनियादी स्तंभ सभी सदस्यों के लिए स्वस्थ और निस्वार्थ नैतिक मूल्यों का है. यह एक निर्विवाद मुखिया के द्वारा नियंत्रित भी होना चाहिए, जो रहन सहन को सुधारने के लिए निर्णय ले। परिवार मे छोटे हमेशा एक बड़े बुजुर्ग से मार्गदर्शन लेते है. जो कि अधिक अनुभवी होते हैं. चुकि वहाँ हमेशा एक पीढ़ी का अंतर होता है । ऐसे मे युवा, हमेशा इससे सहमत नहीं होगा कि बुजुर्ग क्या कह रहे हैं तो वहाँ कुछ समय विसंगति टकराव और मतभेद हो सकते हैं. क्यों कि संयुक्त परिवारों में राय भिन्न - भिन्न हो सकती है। ऐसे मे फायदे अनेक है नुकसान कम।