COLD मौसम में कैसे स्वस्थ रहें / ठण्ड से कैसे बचे रहें !!
सर्दियों में शरीर सुस्त हो जाता है इस कारण अधिकतर लोग ठंडक के मौसम को जरा कम ही पसंद करते है।
हालांकि ठण्ड का अपना ही मजा है लेकिन ज्यादे ठंडी से मनुष्य बीमार भी हो सकता है ख़ास तौर पर बच्चे
और बुजुर्ग ।अतः जरुरी है की कुछ कारगर उपाय किये जाए जिससे ठंड मे भी स्वस्थ रहा जाए।
ठंड से बचने के लिए हमें दो स्तरों पर कार्य करने की जरूरत होती है
1-शरीर को सर्दी से बचाने के लिए और शरीर की ऊर्जा का क्षय न हो इसके लिये हम गर्म कपड़ों का प्रयोग करते है साथ ही जिस घर मे हम रहते है वहां का भी तापमान का संतुलन बनाये रखा जाना चाहिए।
2 -शरीर के द्वारा खर्च किये गए ऊर्जा की मात्रा को बनाए रखने के लिए और और शरीर को गर्म बनाये रखने के लिए भोजन और पानी के स्तर पर भी सावधानी की ज़रूरत है।हमें ऐसा भोजन करना चाहिये जो हमें ठण्ड के समय में गर्म रखे।
ठण्ड आने का आगाज तब होता है जब सुबह और शाम को तापमान में गिरावट को महसूस किया जा सकता है।
दिन छोटे होने लगते है और रातें लंबी होने लगती है । सामान्तया मौसम का ये बदलाव नवरात्र के समाप्ति के साथ देखा जा सकता है ।
सामान्यतया निम्नांकित उपाय किये जा सकते है --
ठण्ड के कपड़ो को तैयार करें
पूरी तरह से ठंड आये इससे पहले जरुरी है कपड़ो को निकाला का एक दो दिन धुप दिखा दिया जाए इससे छुपे हुए बैक्टरिया मर जाते है और ऊनी कपड़ो के रेशो मे गर्मी प्रवेश कर जाती है जिससे सुकुड़े रेशे खिल जाते और हमें गर्म रखते है । बीच बीच पूरी ठंढी भर जब भी खिली धुप मिले ऐसा करते रहना चाहिए। खिली निखरी धुप न केवल ऊर्जा को बचाये रखती है साथ ही हमारे शरीर के सेरोटोनिन और उत्पादित कर हैप्पी मूड बनाये रखती है।
हरी और ताज़ी सब्जियां खाएं-
कभी सोचा है कि ठंड मे सब्जियों की ज्यादे विविधता क्यों होती है । प्रकृति की देंन है सब्जियां । पालक, खीरा, पत्ता गोभी, फूलगोभी, मटर और और कई प्रकार की शाक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों मिलने लगती है । अपने भोजन में अधिक से अधिक शामिल करके ऊर्जा की मात्रा को बढ़ा सकते है । हरी सब्जियां सेलुलोज से भरपूर होती है जो शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है और ये हमारे ऊर्जा के स्तर को बढाती भी है।
विविध फलों का सेवन करे-
इस मौसम मे फलों मे भी विविधता होती है सीजनल फल का सेवन करे । विशेष कर खट्टे फलों का सेवन अधिक करें। संतरा हो चाहे नींबू, विटामिन c से भरपूर होते है जो कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते है बढता है। साथ ही यह शरीर को गर्म रखने में मदद करते है।
विटामिन, फाइबर से भरपूर ये फल पचने मे आसान होते है । इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जिस से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते है। इससे ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रहता है और शरीर की उर्जा हमेशा बनी रहेगी। इसलिए इस मौसम मे मिलने वाले फलों कक अपने आहार में जैसे संतरा, केला सेब, अनार, अंगूर आदि को शामिल करें।
समय पर खायें-
समय पर भोजन न करने से शरीर में ब्लड शुगर का स्तर कम हो सकता है। जिससे शरीर में ऊर्जा का स्तर कम होने लगता है। इसलिए शरीर की ऊर्जा को बरकरार रखने के लिए समय पर भोजन करें। काम के चक्कर में भोजन की अवहेलना न करें। समय पर पौष्टिक भोजन करते रहें।
नाश्ता जरूर करे भरपूर करें -
पूरा दिन ऊर्जावान रहने के लिए सुबह का नाश्ता सबसे ज्यादा जरूरी होता है।लंबी रात मे खाने केे बाद सोने के दौरान काफी मात्रा में ऊर्जा नष्ट होती है और रात ज्यादे ठण्ड होती है इसलिए सुबह शरीर को जल्दी से एनर्जी की जरूरत होती है। इसलिए सुबह के समय स्वस्थ और पौष्टिकता से भरपूर नाश्ता करना चाहिए। नाश्ते में कार्बोहाड्रेट युक्त चीजें लें, जैसे अंकुरित अनाज, और तली हुई चीजे जैसे पूरी और पराठा का सेवन करे ।
पानी का अधिक सेवन करना चाहिए -
सर्दियों में डीहाइड्रेशन की समस्या भी हो सकती है इसलिए पानी भरपूर पीते रहें। ऐसा इसलिए भी जरुरी है कि ठण्ड के कारण मूत्र ज्यादे बनता हैंऔर सांसो से भी वाष्प के रूप मे पानी बाहर निकल जाता है इसलिए अक्सर पानी की कमी डीहाइड्रेशन कर देती है जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है। ऐसे में पानी थकान को दूर करने और एनर्जी को बढ़ाने का सबसे आसान तरीका है।
भोजन पर ध्यान दे-
ऐसे मौसम मे हमें वो चीजें खानी चाहिए जो शरीर को गर्म रखे अतः इस मौसम में प्रोटीन व फाइबर से भरपूर चीजें खानी चाहिए। विटामिन बी-12 युक्त खाद्य जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां, फलियां, हरे चने चना और बथुआ का साग आदि का सेवन किया जाए। अंडे और मछली का सेवन भी किया जा सकता है। पोल्ट्री उत्पाद, हरी पत्तेदार सब्जियां आदि में जिंक होता है। जिंक हमारे भोजन का अभिन्न अंग है इसकी कमी से जुकाम, थकावट, भूख न लगना, घावों का धीमी गति से भरना आदि समस्याएं उत्पन्न होती है जिससे बॉडी का इम्मयून सिस्टम कमजोर हो सकता है। खजूर शहद और शुद्ध देशी घी, गुड़ आदि के सेवन से ऊर्जा ज्यादे मात्रा मे प्राप्त होती है।
बथुआ और हरी मेथी के साग का सेवन करे-
मेथी का सेवन किसी भी रूप में सेवन करने से सर्दी का बचाव होता है बथुआ और मेथी के साग में विटामिन के, आयरन, मैग्नीशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर और फोलिक एसिड में अधिक होता है जो बॉडी मे ब्लड के उत्पादन के लिए जरुरी होता है और शरीर गर्म रहता है।
लहसुन का सेवन करे -
लहसुन में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं; इसलिए यह बैक्टीरिया और वायरस से फैलने वाले रोगों से बचने में मदद करता है साथ ही यह ठड के कारण बढे उच्च कोलेस्ट्राल लेवल को कम करता है। गले की खराश को कम करता है।लेकिन, लहसुन का एक अन्य महत्वपूर्ण फायदा है कि यह सर्दियों में आपके शरीर को गर्म रखता है।
अजवाइन और जायफर का सेवन करे-
अजवाइन बंद नाक आदि सर्दी के लक्षणों का इलाज करने के लिए सबसे अच्छा प्राकृतिक तरीका है। राहत के लिए गर्म पानी में अजवाइन डालकर भाप ले,नाक तुरंत खुल जाएगी और सर्दी में भी आराम होगा और दो तीन दिन पर एक चम्मच सेवन भी गुड़ मे मिला कर करें।२-३ दिनों पर चुटकी भर जायफर को मुह मे ले कर चूसते रहे ठण्ड नहीं लगेगी
खाने मे हरी मिर्च और लाल मिर्च का सेवन करे -
हरी मिर्च मे विटामिन इ और सी के साथ फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट और आयरन से भरपूर होने का गुण रखती है इसका तीखापन बॉडी को गर्म रखता है और इम्मयून सिस्टम बनाये रखता है।
शरीरिक श्रम करे -
योगासन , जॉगिंग या पी टी या walking के रूप मे किया जाने वाला प्रत्येक श्रम बॉडी मे ऊर्जा का संतुलित स्तर को बनाये रखता है नकारात्मक विचार को दूर करता है शरीर के अंगों को बल प्रदान करता है। और मानसिक स्तर पर बल प्रदान करता है।
चाय काफी ज्यादे न पिए -
कैफीनयुक्त पदार्थो जैसे चाय और कॉफी का सेवन ज्यादे मात्रा मे न करे इसकी ज्यादा मात्रा शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालती है । इसकी जगह आप गुड़ की चाय और ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं।अदरख, तुलसी पत्ती और काली मिर्च, अजवाइन और निम्बू की चाय का सेवन कर सकते है यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढा कर शरीर से दूषित तत्व को निकाल कर भूख बढाती है।
सर्दियों में शरीर सुस्त हो जाता है इस कारण अधिकतर लोग ठंडक के मौसम को जरा कम ही पसंद करते है।
हालांकि ठण्ड का अपना ही मजा है लेकिन ज्यादे ठंडी से मनुष्य बीमार भी हो सकता है ख़ास तौर पर बच्चे
और बुजुर्ग ।अतः जरुरी है की कुछ कारगर उपाय किये जाए जिससे ठंड मे भी स्वस्थ रहा जाए।
ठंड से बचने के लिए हमें दो स्तरों पर कार्य करने की जरूरत होती है
1-शरीर को सर्दी से बचाने के लिए और शरीर की ऊर्जा का क्षय न हो इसके लिये हम गर्म कपड़ों का प्रयोग करते है साथ ही जिस घर मे हम रहते है वहां का भी तापमान का संतुलन बनाये रखा जाना चाहिए।
2 -शरीर के द्वारा खर्च किये गए ऊर्जा की मात्रा को बनाए रखने के लिए और और शरीर को गर्म बनाये रखने के लिए भोजन और पानी के स्तर पर भी सावधानी की ज़रूरत है।हमें ऐसा भोजन करना चाहिये जो हमें ठण्ड के समय में गर्म रखे।
ठण्ड आने का आगाज तब होता है जब सुबह और शाम को तापमान में गिरावट को महसूस किया जा सकता है।
दिन छोटे होने लगते है और रातें लंबी होने लगती है । सामान्तया मौसम का ये बदलाव नवरात्र के समाप्ति के साथ देखा जा सकता है ।
सामान्यतया निम्नांकित उपाय किये जा सकते है --
ठण्ड के कपड़ो को तैयार करें
पूरी तरह से ठंड आये इससे पहले जरुरी है कपड़ो को निकाला का एक दो दिन धुप दिखा दिया जाए इससे छुपे हुए बैक्टरिया मर जाते है और ऊनी कपड़ो के रेशो मे गर्मी प्रवेश कर जाती है जिससे सुकुड़े रेशे खिल जाते और हमें गर्म रखते है । बीच बीच पूरी ठंढी भर जब भी खिली धुप मिले ऐसा करते रहना चाहिए। खिली निखरी धुप न केवल ऊर्जा को बचाये रखती है साथ ही हमारे शरीर के सेरोटोनिन और उत्पादित कर हैप्पी मूड बनाये रखती है।
हरी और ताज़ी सब्जियां खाएं-
कभी सोचा है कि ठंड मे सब्जियों की ज्यादे विविधता क्यों होती है । प्रकृति की देंन है सब्जियां । पालक, खीरा, पत्ता गोभी, फूलगोभी, मटर और और कई प्रकार की शाक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों मिलने लगती है । अपने भोजन में अधिक से अधिक शामिल करके ऊर्जा की मात्रा को बढ़ा सकते है । हरी सब्जियां सेलुलोज से भरपूर होती है जो शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है और ये हमारे ऊर्जा के स्तर को बढाती भी है।
विविध फलों का सेवन करे-
इस मौसम मे फलों मे भी विविधता होती है सीजनल फल का सेवन करे । विशेष कर खट्टे फलों का सेवन अधिक करें। संतरा हो चाहे नींबू, विटामिन c से भरपूर होते है जो कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते है बढता है। साथ ही यह शरीर को गर्म रखने में मदद करते है।
विटामिन, फाइबर से भरपूर ये फल पचने मे आसान होते है । इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जिस से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते है। इससे ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रहता है और शरीर की उर्जा हमेशा बनी रहेगी। इसलिए इस मौसम मे मिलने वाले फलों कक अपने आहार में जैसे संतरा, केला सेब, अनार, अंगूर आदि को शामिल करें।
समय पर खायें-
समय पर भोजन न करने से शरीर में ब्लड शुगर का स्तर कम हो सकता है। जिससे शरीर में ऊर्जा का स्तर कम होने लगता है। इसलिए शरीर की ऊर्जा को बरकरार रखने के लिए समय पर भोजन करें। काम के चक्कर में भोजन की अवहेलना न करें। समय पर पौष्टिक भोजन करते रहें।
नाश्ता जरूर करे भरपूर करें -
पूरा दिन ऊर्जावान रहने के लिए सुबह का नाश्ता सबसे ज्यादा जरूरी होता है।लंबी रात मे खाने केे बाद सोने के दौरान काफी मात्रा में ऊर्जा नष्ट होती है और रात ज्यादे ठण्ड होती है इसलिए सुबह शरीर को जल्दी से एनर्जी की जरूरत होती है। इसलिए सुबह के समय स्वस्थ और पौष्टिकता से भरपूर नाश्ता करना चाहिए। नाश्ते में कार्बोहाड्रेट युक्त चीजें लें, जैसे अंकुरित अनाज, और तली हुई चीजे जैसे पूरी और पराठा का सेवन करे ।
पानी का अधिक सेवन करना चाहिए -
सर्दियों में डीहाइड्रेशन की समस्या भी हो सकती है इसलिए पानी भरपूर पीते रहें। ऐसा इसलिए भी जरुरी है कि ठण्ड के कारण मूत्र ज्यादे बनता हैंऔर सांसो से भी वाष्प के रूप मे पानी बाहर निकल जाता है इसलिए अक्सर पानी की कमी डीहाइड्रेशन कर देती है जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है। ऐसे में पानी थकान को दूर करने और एनर्जी को बढ़ाने का सबसे आसान तरीका है।
भोजन पर ध्यान दे-
ऐसे मौसम मे हमें वो चीजें खानी चाहिए जो शरीर को गर्म रखे अतः इस मौसम में प्रोटीन व फाइबर से भरपूर चीजें खानी चाहिए। विटामिन बी-12 युक्त खाद्य जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां, फलियां, हरे चने चना और बथुआ का साग आदि का सेवन किया जाए। अंडे और मछली का सेवन भी किया जा सकता है। पोल्ट्री उत्पाद, हरी पत्तेदार सब्जियां आदि में जिंक होता है। जिंक हमारे भोजन का अभिन्न अंग है इसकी कमी से जुकाम, थकावट, भूख न लगना, घावों का धीमी गति से भरना आदि समस्याएं उत्पन्न होती है जिससे बॉडी का इम्मयून सिस्टम कमजोर हो सकता है। खजूर शहद और शुद्ध देशी घी, गुड़ आदि के सेवन से ऊर्जा ज्यादे मात्रा मे प्राप्त होती है।
बथुआ और हरी मेथी के साग का सेवन करे-
मेथी का सेवन किसी भी रूप में सेवन करने से सर्दी का बचाव होता है बथुआ और मेथी के साग में विटामिन के, आयरन, मैग्नीशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर और फोलिक एसिड में अधिक होता है जो बॉडी मे ब्लड के उत्पादन के लिए जरुरी होता है और शरीर गर्म रहता है।
लहसुन का सेवन करे -
लहसुन में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं; इसलिए यह बैक्टीरिया और वायरस से फैलने वाले रोगों से बचने में मदद करता है साथ ही यह ठड के कारण बढे उच्च कोलेस्ट्राल लेवल को कम करता है। गले की खराश को कम करता है।लेकिन, लहसुन का एक अन्य महत्वपूर्ण फायदा है कि यह सर्दियों में आपके शरीर को गर्म रखता है।
अजवाइन और जायफर का सेवन करे-
अजवाइन बंद नाक आदि सर्दी के लक्षणों का इलाज करने के लिए सबसे अच्छा प्राकृतिक तरीका है। राहत के लिए गर्म पानी में अजवाइन डालकर भाप ले,नाक तुरंत खुल जाएगी और सर्दी में भी आराम होगा और दो तीन दिन पर एक चम्मच सेवन भी गुड़ मे मिला कर करें।२-३ दिनों पर चुटकी भर जायफर को मुह मे ले कर चूसते रहे ठण्ड नहीं लगेगी
खाने मे हरी मिर्च और लाल मिर्च का सेवन करे -
हरी मिर्च मे विटामिन इ और सी के साथ फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट और आयरन से भरपूर होने का गुण रखती है इसका तीखापन बॉडी को गर्म रखता है और इम्मयून सिस्टम बनाये रखता है।
शरीरिक श्रम करे -
योगासन , जॉगिंग या पी टी या walking के रूप मे किया जाने वाला प्रत्येक श्रम बॉडी मे ऊर्जा का संतुलित स्तर को बनाये रखता है नकारात्मक विचार को दूर करता है शरीर के अंगों को बल प्रदान करता है। और मानसिक स्तर पर बल प्रदान करता है।
चाय काफी ज्यादे न पिए -
कैफीनयुक्त पदार्थो जैसे चाय और कॉफी का सेवन ज्यादे मात्रा मे न करे इसकी ज्यादा मात्रा शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालती है । इसकी जगह आप गुड़ की चाय और ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं।अदरख, तुलसी पत्ती और काली मिर्च, अजवाइन और निम्बू की चाय का सेवन कर सकते है यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढा कर शरीर से दूषित तत्व को निकाल कर भूख बढाती है।
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